फिल्म समीक्षा: जानें, कैसी है नवाजुद्दीन की ‘रमन राघव 2.0

फिल्म समीक्षा: जानें, कैसी है नवाजुद्दीन की ‘रमन राघव 2.0

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अनुराग कश्यप की सीरियल किलर फिल्म ‘रमन राघव 2.0’ में हत्याएं ज्यातादर ऑफ कैमरा ही होती हैं। फिर भी जितनी बार स्क्रिन ब्लैक होता है, दूर कह...

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अनुराग कश्यप की सीरियल किलर फिल्म ‘रमन राघव 2.0’ में हत्याएं ज्यातादर ऑफ कैमरा ही होती हैं। फिर भी जितनी बार स्क्रिन ब्लैक होता है, दूर कहीं उस मेटल रॉड की आवाज आती है तो मैं मुंह फेर लेता। कश्यप की ये फिल्म देखना आसान नहीं है। फिर भी उस सीरियल किलर के दिमाग को समझना मजेदार है, जो खुद ये मानता है कि वो ये हत्याएं किसी वजह से नहीं करता, वो ऐसा महज इसलिए करता है क्योंकि वो करना चाहता है।

1960 के मध्य में मुंबई में रमन राघव नाम का एक किलर था, जिसने खुद कबूला था कि उसने 41 लोगों की हत्या की है। पर अनुराग कश्यप की इस फिल्म में हमें ये शुरु में ही बता दिया जाता है कि ये फिल्म उसके बारे में नहीं है, बल्कि ये उसको कॉपी करता हुआ मॉडर्न डे सीरियल किलर के ऊपर फोकस करती है, जिसके किरदार में हैं, नवाजुद्दीन सिद्दिकी, जो 60 के उस मनोरोगी को अपनी प्रेरणा मानता है और उसे अपनानपन महसूस होता है एक पुलिस ऑफिसर राघवन यानी विक्की कौशल से जो ड्रग्स का आदी है और जिसे वो खुद से ज्यादा अलग नहीं समझता सिर्फ इतना कि वो वर्दी के पीछे से हत्या करता है।

फिल्म इसके बाद हत्यारे और उस इंस्पेक्टर के बीच चूहे बिल्ली का खेल बन जाती है, हालांकि श्रीराम राघवन की फिल्म ‘बदलापुर’ के जैसे कश्यप भी अपने किरदारों के हीरो-विलेन के इक्वेशन के बीच की लाइन को कहीं मिला देते हैं। पुलिसवाला बिल्कुल भी सीधा नहीं है, वो बिना कोकिन के काम नहीं कर सकता, और वो अक्सर अपनी लिव-इन गर्लफ्रेंड यानी शोभिता को गालियां देता है।

वहीं रमन के किरदार में नवाजुद्दीन सिद्दिकी बहुत ही खौफनाक लगते हैं, जिसके चेहरे पर बड़ा सा निशान है, आंखों में चमक है और जो हमेशा अपने साथ लोहे का रॉड लिए घूमता है। फिल्म के बेस्ट सीन में से एक वो है जहां वो आराम से घर की किचन में चिकन करी बना रहा है, जहां वो जबरजस्ती घुसा है। वो परिवारवाले डर के मारे अपने अंजाम का इंतजार कर रहे हैं।

ये नवाजुद्दीन के अभिनय का ही असर है कि आप रमन के लिए रूट करेंगे जब एक स्लम में पुलिस लगातार उसे पकड़ने की कोशिश करती है। उसकी सिंपलसिटी आपको छूएगी जब आप देखेंगे कि वो बेसिक कैल्कुलेशन भी नहीं कर पाता। एक सनकी किलर के तौर पर नवाज की अदाकारी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। मैं इस फिल्म को पांच में से 3 स्टार देता हूं।

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